मंकीपॉक्स: लक्षण, प्रसारण और रोकथाम

क्या आप मंकीपॉक्स के बारे में जल्दी से जानना चाहते हैं? यह वायरस आमतौर पर हल्का रहता है, लेकिन सही जानकारी और सावधानी से आप खुद और परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं। नीचे साफ और काम की बातें बताई गई हैं—ताकि आप तुरंत निर्णय ले सकें।

लक्षण और पहचान

मंकीपॉक्स में अक्सर पहले बुखार, थकान, सिरदर्द और सूजी हुई ग्रंथियाँ (लिम्फ नोड्स) दिखते हैं। 1–3 दिन बाद शरीर पर लाल चकत्ते और फिर पपड़ी बनते दाने निकलते हैं। दाने अक्सर चेहरे, हाथ-पैर और जननांग क्षेत्र पर दिखते हैं। ये दाने फफोले बनकर महीनों में सूखते और झड़ते हैं। अगर दाने के साथ तेज बुखार या सांस में दिक्कत हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।

ध्यान रखें: मंकीपॉक्स का रैश कभी-कभी चकत्ते या एसिड-बर्न से मिल सकता है। इसलिए आत्मनिर्णय से बचें और डॉक्टर की पुष्टि करवाएं।

प्रसारण — कैसे फैलता है?

यह वायरस मुख्यतः नज़दीकी संपर्क से फैलता है—सीधे त्वचा के संपर्क, संक्रमित व्यक्ति के फफोलों के द्रव्य, या संक्रमित कपड़े और बिस्तर से। खांसी-छींक से भी संक्रमण हो सकता है अगर सीधा संपर्क हो। सामान्य सार्वजनिक स्थानों पर केवल चलने-फिरने से जोखिम बहुत कम रहता है।

इन्क्यूबेशन पीरियड 5 से 21 दिनों तक हो सकता है। मतलब किसी संपर्क के बाद लक्षण देर से दिख सकते हैं।

क्या घर में एक सदस्य संक्रमित हो? तब बाकी लोगों को भी मास्क पहनना चाहिए, संक्रमित का अलग कमरा और अलग बर्तन/टॉवल उपयोग में लाना चाहिए। बिस्तर और कपड़ों को गर्म पानी और डिटर्जेंट से धोएं।

रोकथाम और क्या करें

अगर आपको संदेह हो—सबसे पहले डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी हालत बताएं। घर में आप यह कर सकते हैं: संक्रमित व्यक्ति को अलग रखें, हाथ बार-बार धोएं, मास्क और हाथों पर दस्ताने का उपयोग करें, और संक्रमित बैंडेज/ड्रेसिंग को सुरक्षित तरीके से निपटाएं।

टीकाकरण: कुछ देशों में छोटे पॉक्स टीके मंकीपॉक्स से आंशिक सुरक्षा देते हैं। एक्सपोज़र के बाद जल्दी टीका लगवाने से संक्रमण या लक्षण कम हो सकते हैं। यह उपलब्धता देश-देन पर निर्भर करती है—अपने स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र से पूछें।

इलाज: ज्यादातर मामलों में समर्थनकारी इलाज—आराम, पानी, दर्द- और बुखार घटाने वाली दवाइयां और secondary संक्रमण से बचाव—काफ़ी होता है। गंभीर मामलों में अस्पताल में निगरानी या एंटीवायरल दवाइयां दी जा सकती हैं। यह निर्णय डॉक्टर ही लें।

अगर आप यात्रा कर रहे हैं या किसी संक्रमित के संपर्क में आए हैं, तो 21 दिनों तक लक्षणों पर नज़र रखें और जरूरत पर स्व-विसर्जन (self-isolate) करें। अपने नज़दीकी स्वास्थ्य अधिकारी को संपर्क से अवगत कराना उपयोगी होता है।

सवाल है तो डॉक्टर से बात करें और अफ़वाहों पर भरोसा न करें। जल्दी पहचान और सादा बचाव आपको और आपके परिवार को सुरक्षित रखेगा।