तेम्बा बवुमा ने टेस्ट कप्तानी में 11 जीत के साथ नया विश्व रिकॉर्ड बनाया, ब्रियरली और चैपमैन के साथ शामिल हुए अजेय कप्तानों की सूची

तेम्बा बवुमा ने टेस्ट कप्तानी में 11 जीत के साथ नया विश्व रिकॉर्ड बनाया, ब्रियरली और चैपमैन के साथ शामिल हुए अजेय कप्तानों की सूची

Saniya Shah 27 नव॰ 2025

गुवाहाटी के असम क्रिकेट संघ स्टेडियम में एक ऐतिहासिक जीत ने दक्षिण अफ्रीका के कप्तान तेम्बा बवुमा को क्रिकेट के इतिहास में एक नया नाम दिया। 26 नवंबर, 2025 को भारत के खिलाफ 408 रनों की धूम मचाकर उन्होंने अपनी कप्तानी में 12 मैचों में से 11 जीत का रिकॉर्ड बना दिया—बिना किसी हार के। ये जीत दक्षिण अफ्रीका के लिए भारत के घरेलू मैदान पर पहली टेस्ट सीरीज जीत थी, और बवुमा को दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम के लिए एक ऐसा विरासत छोड़ गया जिसे कई पीढ़ियाँ याद रखेंगी।

रिकॉर्ड तोड़ने का पल

पहले रिकॉर्डधारक इंग्लैंड के माइक ब्रियरली थे, जिन्होंने 1977-78 में 15 मैचों में 10 जीत दर्ज की थीं। बवुमा ने सिर्फ 12 मैचों में उस रिकॉर्ड को पार कर दिया। यह जीत उनकी अजेय श्रृंखला को 12 मैचों तक पहुँचा दी—एक ड्रॉ के साथ, जो ऑगस्ट 2024 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन में हुआ था। इस रिकॉर्ड को बनाने में बवुमा को दो अन्य अद्वितीय कप्तानों के साथ शामिल होने का सम्मान मिला: पर्सी चैपमैन (इंग्लैंड, 1926-30, 9 जीत) और वारविक अर्मस्ट्रांग (ऑस्ट्रेलिया, 1902-21, 8 जीत)। अब इस अजेय कप्तानी की चार सदस्यीय गिनती में बवुमा का नाम शामिल हो गया।

एक अनोखी जीत का मायने

गुवाहाटी का मैच सिर्फ एक जीत नहीं था। भारत ने पिछले 15 सालों में टेस्ट क्रिकेट में 32 में से 27 मैच जीते हैं—घरेलू मैदान पर उनकी अजेयता का विश्वास बहुत मजबूत था। लेकिन बवुमा की टीम ने एक ऐसा प्रदर्शन किया जिसने भारत के घरेलू दबदबे को तोड़ दिया। पहले टेस्ट में 276 रनों की जीत के बाद, दूसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 100 रनों से बाहर कर दिया। भारत के लिए ये उनकी सात टेस्ट मैचों में पांचवीं हार थी। अब उनके कोच और खिलाड़ियों को लाल गेंद क्रिकेट के लिए एक नया रास्ता खोजने की जरूरत है।

कप्तानी की शुरुआत और रास्ता

बवुमा ने डीन एलगर के बाद टेस्ट कप्तानी संभाली थी, और शुरुआत में उनका रास्ता आसान नहीं था। 2024 में भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज में उन्हें पहले दिन ही हैमस्ट्रिंग की चोट लग गई थी। उन्होंने उस सीरीज का बाकी हिस्सा छोड़ दिया, और उस जीत को कुछ विश्लेषक अपने रिकॉर्ड से बाहर रख देते हैं। लेकिन उन्होंने उस चोट को एक नया उत्साह बना लिया। उन्होंने वेस्ट इंडीज के खिलाफ 2-0 से जीत दर्ज की, फिर पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में भी जीत दर्ज की। लेकिन असली परीक्षा तो भारत के खिलाफ दूर के मैदान पर थी।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप और आगे का रास्ता

2025 के शुरुआत में, बवुमा ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में लॉर्ड्स में भारत को हराकर दक्षिण अफ्रीका के लिए पहला आईसीसी खिताब जीता था। उस जीत ने उन्हें देश के सबसे बड़े क्रिकेटरों में शामिल कर लिया। अब उनकी टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर है—जबकि पिछले चक्र में उन्होंने शुरुआत में बहुत कमजोर प्रदर्शन किया था।

उनकी जीत का आंकड़ा 91.67% है। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस (68.18%) और इंग्लैंड के बेन स्टोक्स (48%) बहुत पीछे हैं। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक दर्शन है—जो बवुमा की टीम को बाहरी चुनौतियों में भी जीतने की शक्ति देता है।

अभी भी बाकी है एक बड़ा लक्ष्य

लेकिन यहां रुकना बवुमा के लिए नहीं। ऑस्ट्रेलिया के रिकी पॉन्टिंग ने 2005-08 के बीच 16 मैचों की लगातार जीत का रिकॉर्ड बनाया था। बवुमा के लिए अब यही लक्ष्य है। अगला टेस्ट श्रृंखला न्यूजीलैंड के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका में होगा, जहां उनकी टीम ने पिछले 10 सालों में केवल एक बार जीत हासिल की है। अगर वे वहां भी जीत दर्ज करते हैं, तो वह अपने रिकॉर्ड को और भी अनोखा बना देंगे।

भारत के लिए बड़ा सवाल

भारत की टीम अब एक अहम बिंदु पर है। उन्होंने पिछले दो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भाग लिया था, लेकिन अब घरेलू मैदान पर भी उनकी अजेयता टूट रही है। क्या उनकी बल्लेबाजी अब बाहरी गेंदबाजी के खिलाफ अपर्याप्त है? क्या उनके बल्लेबाज तेज गेंदबाजी के खिलाफ अधिक तैयार नहीं हैं? ये सवाल अब भारतीय क्रिकेट बोर्ड के लिए भी बड़े हैं। बवुमा की टीम ने न सिर्फ जीता, बल्कि एक सवाल भी खड़ा कर दिया है—क्या भारत की टेस्ट टीम अपने आप को फिर से बनाने की जरूरत में है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेम्बा बवुमा की कप्तानी का जीत प्रतिशत कितना है?

बवुमा की कप्तानी में 12 मैचों में से 11 जीत और एक ड्रॉ हुआ है, जिससे उनकी जीत का प्रतिशत 91.67% है। यह आंकड़ा वर्तमान में किसी भी टेस्ट कप्तान से अधिक है—पैट कमिंस (68.18%) और बेन स्टोक्स (48%) जैसे कप्तानों से काफी आगे है।

क्या बवुमा ने पहली बार भारत के खिलाफ घरेलू मैदान पर जीत दर्ज की?

हां, यह दक्षिण अफ्रीका के लिए भारत के घरेलू मैदान पर पहली टेस्ट सीरीज जीत थी। पिछले 30 सालों में केवल ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ही भारत के घर पर टेस्ट सीरीज जीत पाए हैं।

बवुमा की कप्तानी में कौन सी टीमों को हराया गया?

बवुमा ने दक्षिण अफ्रीका की कप्तानी में वेस्ट इंडीज, पाकिस्तान, और भारत को हराया है। उनकी टीम ने घर पर पाकिस्तान के खिलाफ 2-0 से जीत दर्ज की और वेस्ट इंडीज के खिलाफ दोनों घरेलू और दूर के मैचों में जीत दर्ज की।

क्या बवुमा का रिकॉर्ड पॉन्टिंग के रिकॉर्ड को पार कर सकता है?

रिकी पॉन्टिंग ने 16 मैचों की लगातार जीत का रिकॉर्ड बनाया था। बवुमा के पास अभी 12 मैचों की अजेय श्रृंखला है। अगर वे अगले तीन मैचों में जीत दर्ज करते हैं, तो वे पॉन्टिंग के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगे।

भारत के लिए इस हार का क्या मतलब है?

भारत की टीम अब घरेलू मैदान पर भी अजेय नहीं रही। उनकी पांचवीं हार सात मैचों में उनकी टीम की अस्थिरता को दर्शाती है। बल्लेबाजी की कमजोरी और तेज गेंदबाजी के खिलाफ अपर्याप्त तैयारी इसके मुख्य कारण हैं।

बवुमा का अगला टेस्ट चुनौती कौन सा है?

अगला बड़ा चुनौती न्यूजीलैंड के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका में होगा, जहां उनकी टीम ने पिछले 10 सालों में केवल एक बार जीत हासिल की है। अगर वे वहां जीत दर्ज करते हैं, तो वे पॉन्टिंग के 16 मैचों के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगे।

11 टिप्पणि

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    lakshmi shyam

    नवंबर 28, 2025 AT 11:52

    ये सब बकवास है भाई, बवुमा की टीम ने भारत के घर पर जीत ली तो क्या हुआ? हमारी टीम तो टी20 और ओडीआई में दुनिया की नंबर 1 है। टेस्ट में घरेलू जीत खोना तो बस एक छोटी सी गलती है, इसे बड़ा बना रहे हो।

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    Omkar Salunkhe

    नवंबर 30, 2025 AT 00:45

    क्या बवुमा ने 11 जीत दर्ज की है या बस भारत के खिलाफ जीत ली? और ये ड्रॉ वाला मैच भी जीत मान लिया? अगर ये रिकॉर्ड बन गया तो मैं बेन स्टोक्स को भी कप्तान बना दूंगा जिसने 48% जीत दर्ज की है। ये आंकड़े तो बस ट्रेंडिंग के लिए बनाए गए हैं। और ये टाइपो है या फिर गलती है? बवुमा के नाम में एक ब ज्यादा है या कम है?

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    raja kumar

    नवंबर 30, 2025 AT 00:52

    बवुमा की जीत एक नए युग की शुरुआत है। भारत की टीम ने लंबे समय तक घरेलू मैदान पर अजेयता बनाए रखी लेकिन अब दुनिया के बाहरी टीमों ने भी अपनी ताकत दिखाना शुरू कर दिया है। यह बदलाव स्वागतयोग्य है। क्रिकेट एक खेल है जिसमें जीत और हार दोनों होती हैं। भारत को इस चुनौती को स्वीकार करना चाहिए और अपनी बल्लेबाजी को तेज गेंदबाजी के खिलाफ मजबूत बनाना चाहिए।

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    Sumit Prakash Gupta

    नवंबर 30, 2025 AT 11:15

    बवुमा की कप्तानी एक एक्सपोनेंशियल लीडरशिप मॉडल है जिसने टेस्ट क्रिकेट के डायनामिक्स को रीडिफाइन कर दिया है। उनकी टीम ने एक एंट्रोपी रिडक्शन स्ट्रैटेजी अपनाई है जिसमें ऑपरेशनल एक्सीलेंस और टीम कोहेजन को फोकस किया गया है। इसका अर्थ है कि वे अपने रिसोर्सेज को ऑप्टिमाइज कर रहे हैं और एक फॉर्मुला बना रहे हैं जो अब तक किसी ने नहीं बनाया। ये बस जीत नहीं है, ये एक टेक्नोलॉजिकल डिस्रप्शन है।

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    Shikhar Narwal

    दिसंबर 1, 2025 AT 03:48

    बवुमा की जीत बहुत बड़ी बात है 🙌 भारत की टीम ने लंबे समय तक घर पर जीत बनाए रखी थी लेकिन अब दुनिया ने दिखा दिया कि कोई भी अजेय नहीं होता। इसका मतलब है कि अब टेस्ट क्रिकेट और भी रोमांचक हो गया है। बवुमा ने खेल को नया मोड़ दिया है और ये बहुत अच्छा है ❤️

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    Vidushi Wahal

    दिसंबर 2, 2025 AT 22:50

    ये जीत बहुत बड़ी है लेकिन भारत की टीम भी बहुत अच्छी है। शायद अब उन्हें अपनी बल्लेबाजी को फिर से देखने की जरूरत है। मैं उन्हें बहुत अच्छा लगता हूं और उम्मीद है कि वे इस हार से सीखेंगे।

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    Narinder K

    दिसंबर 4, 2025 AT 15:38

    तो बवुमा ने 11 जीत दर्ज की और भारत की टीम ने घर पर हार दी... अब बस एक बार फिर से ये बात करेंगे जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया के घर पर जीत ली। ये सब ट्रेंड है भाई, अगले हफ्ते किसी ने एक बार बल्ला मारा तो उसे नोबेल पुरस्कार दे देंगे।

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    Narayana Murthy Dasara

    दिसंबर 6, 2025 AT 13:49

    बवुमा की जीत बहुत अच्छी है और भारत की टीम भी बहुत अच्छी है। खेल तो ऐसा ही होता है कभी जीतो कभी हारो। इस बार दक्षिण अफ्रीका जीत गया तो क्या हुआ? अगली बार भारत जीत जाएगा। इस तरह से खेल जीवंत रहता है। बवुमा को बधाई और भारत को भी बहुत बहुत बधाई।

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    Sabir Malik

    दिसंबर 7, 2025 AT 08:18

    मैं इस जीत को बहुत गहराई से समझ रहा हूं। बवुमा की कप्तानी में सिर्फ जीत नहीं बल्कि एक नई दृष्टि आई है। उन्होंने टीम को इतना एकजुट किया कि हर खिलाड़ी ने अपनी भूमिका को बेहतर तरीके से समझा। भारत की टीम के लिए ये एक बड़ा सबक है कि घरेलू मैदान का फायदा अब इतना बड़ा नहीं रहा। बल्लेबाजी की कमजोरी, तेज गेंदबाजी के खिलाफ अपर्याप्त तैयारी, ये सब बातें अब बहुत साफ हैं। भारत को अब अपने बल्लेबाजों को ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाजों के खिलाफ तैयार करना होगा। ये सिर्फ एक हार नहीं, ये एक जागरूकता है। अगर भारत ने इसे गलत समझा तो आगे की टीमें भी इसी तरह घर पर जीत लेंगी। बवुमा की टीम ने एक नए मानक की शुरुआत कर दी है। अब दुनिया के सभी टीमों को इस तरह की लगातार जीत के लिए अपनी रणनीति बदलनी होगी। ये बदलाव खेल के लिए बहुत अच्छा है।

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    Debsmita Santra

    दिसंबर 8, 2025 AT 03:26

    बवुमा की जीत एक ट्रांसफॉर्मेशनल मोमेंट है जिसने टेस्ट क्रिकेट के गेमप्ले को ही बदल दिया है। भारत की टीम ने लंबे समय तक घरेलू मैदान पर एक अजेय दबदबा बनाए रखा था लेकिन अब ये दबदबा टूट गया है और इसका मतलब है कि टेस्ट क्रिकेट में अब कोई भी टीम अपने घर के फायदे पर निर्भर नहीं रह सकती। बवुमा की टीम ने एक बेहतरीन बैलेंस बनाया है जिसमें बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों की एक्सीलेंस थी। भारत को अब अपने बल्लेबाजों को एक्सट्रीम बाउंस और वाइड लाइन्स के खिलाफ ट्रेन करना होगा। ये सिर्फ एक हार नहीं बल्कि एक नए एरा की शुरुआत है।

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    Vasudha Kamra

    दिसंबर 8, 2025 AT 16:54

    बवुमा की कप्तानी का रिकॉर्ड वाकई अद्भुत है। उन्होंने एक छोटी सी चोट के बाद भी टीम को एकजुट कर दिया। भारत के लिए ये हार एक जरूरी सबक है। अब टीम को अपनी तैयारी और रणनीति को फिर से देखना होगा। बहुत बधाई बवुमा को।

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