टोंक कलेक्टर टीना डाबी के आवास में घुसा 5 फीट लंबा कोबरा, मची खलबली

टोंक कलेक्टर टीना डाबी के आवास में घुसा 5 फीट लंबा कोबरा, मची खलबली

Saniya Shah 14 अप्रैल 2026

राजस्थान के टोंक जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जिला कलेक्टर के सरकारी बंगले में एक पांच फीट लंबा जहरीला नाग घुस आया। यह घटना 11 अप्रैल 2026, शुक्रवार की शाम की है, जिसने सुरक्षाकर्मियों और स्टाफ के बीच भारी दहशत फैला दी। गनीमत यह रही कि जिस वक्त यह जहरीला मेहमान घर में दाखिल हुआ, टीना डाबी, जिला कलेक्टर अपने आवास पर मौजूद नहीं थीं, वरना मामला काफी गंभीर हो सकता था।

अचानक घुसा जहरीला मेहमान और मची अफरा-तफरी

शाम का समय था और बंगले के परिसर में सब कुछ सामान्य चल रहा था। तभी कलेक्टर के निजी सहायक (PA) की नजर एक विशालकाय कोबरा पर पड़ी। जैसे ही उन्होंने देखा कि करीब 5 फीट लंबा सांप उनके करीब है, उनके होश उड़ गए।turns out, यह कोई मामूली सांप नहीं बल्कि 'नाजा' प्रजाति का बेहद जहरीला कोबरा था।

हैरानी की बात यह है कि सांप को देखते ही वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों के बीच भगदड़ मच गई। हर कोई अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगा। PA ने बिना समय गंवाए तुरंत सिविल डिफेंस की टीम को फोन किया और पूरी स्थिति की जानकारी दी। उनकी इसी तत्परता ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। (सोचिए, अगर वह समय पर कॉल न करते तो क्या होता!)

30 मिनट का हाई-वोल्टेज ड्रामा और रेस्क्यू ऑपरेशन

सूचना मिलते ही वन्यजीव विशेषज्ञ गालिब खान के नेतृत्व में सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची। लेकिन असली चुनौती तब शुरू हुई जब टीम ने सांप को पकड़ने की कोशिश की। कोबरा ने अपना फन फैलाया और करीब 20 मिनट तक आक्रामक मुद्रा में रहा। माहौल इतना तनावपूर्ण था कि टीम के सदस्यों को एक-एक कदम फूंक-फूंक कर रखना पड़ा।

करीब 30 मिनट की मशक्कत और काफी सावधानी बरतने के बाद, आखिरकार टीम ने सांप को सुरक्षित तरीके से काबू में कर लिया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों की सांसें अटकी हुई थीं। सांप को एक सुरक्षित कंटेनर में रखा गया और बाद में शहर से काफी दूर एक घने जंगल में छोड़ दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया के बाद ही बंगले पर तनाव कम हुआ और कर्मचारियों ने चैन की सांस ली।

मुख्य तथ्य एक नजर में:
  • तारीख: 11 अप्रैल 2026
  • सांप की लंबाई: लगभग 5 फीट (नाजा प्रजाति)
  • रेस्क्यू समय: करीब 30 मिनट
  • मुख्य रेस्क्यूअर: गालिब खान (सिविल डिफेंस)

मौसम का मिजाज और सांपों का खतरा

जब रेस्क्यू टीम से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने एक दिलचस्प बात बताई। उनका कहना था कि बदलते मौसम के कारण सांप अक्सर अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं और रहने की तलाश में या शिकार की खोज में रिहायशी इलाकों और सरकारी बंगलों तक पहुंच जाते हैं। दरअसल, तापमान में बदलाव उन्हें बेचैन कर देता है, जिसके चलते ऐसी घटनाएं बढ़ जाती हैं।

इस घटना के बाद प्रशासन ने बंगले की सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। आदेश दिया गया है कि परिसर में कोई भी झाड़ियां या गंदगी न रहे, ताकि भविष्य में दोबारा ऐसा खतरा पैदा न हो। जिले भर में अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे एक प्रशासनिक अधिकारी का घर सांप की वजह से 'वार जोन' बन गया था।

टीना डाबी: टोंक की 68वीं जिला कलेक्टर

आपको बता दें कि टीना डाबी राजस्थान की एक चर्चित आईएएस अधिकारी हैं, जिन्होंने हाल ही में टोंक जिले की कमान संभाली है। भारतीय स्वतंत्रता के बाद टोंक जिले के इतिहास में वह 68वीं जिला कलेक्टर हैं। इससे पहले उन्होंने बाड़मेर जिले में जिला कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं।

उनके कार्यशैली और प्रशासनिक पकड़ की काफी चर्चा रहती है। हालांकि, यह घटना उनके कार्यकाल की एक ऐसी अप्रत्याशित चुनौती थी, जिसका सामना उन्हें नहीं बल्कि उनके स्टाफ को करना पड़ा। टोंक में उनके आने के बाद से प्रशासन में कई बदलाव देखे गए हैं, लेकिन इस 'सर्प हमले' ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

यह घटना कब और कहां हुई?

यह घटना 11 अप्रैल 2026, शुक्रवार की शाम को राजस्थान के टोंक जिले में जिला कलेक्टर टीना डाबी के आधिकारिक सरकारी आवास पर हुई।

सांप को पकड़ने में कितनी देर लगी और किसने पकड़ा?

वन्यजीव विशेषज्ञ गालिब खान और सिविल डिफेंस की टीम ने करीब 30 मिनट के कठिन ऑपरेशन के बाद सांप को पकड़ा। सांप ने काफी समय तक आक्रामक मुद्रा में रहकर टीम को चुनौती दी थी।

क्या कलेक्टर टीना डाबी इस दौरान घर पर थीं?

नहीं, घटना के समय टीना डाबी अपने आवास पर मौजूद नहीं थीं। यही कारण था कि कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई, वरना पांच फीट लंबा जहरीला कोबरा जानलेवा साबित हो सकता था।

सांप के घर में घुसने का मुख्य कारण क्या बताया गया?

सिविल डिफेंस की टीम के अनुसार, मौसम में हो रहे बदलावों की वजह से सांप अपने बिलों से बाहर निकलकर सुरक्षित ठिकानों की तलाश करते हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

घटना के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए?

प्रशासन ने आवास परिसर की गहन साफ-सफाई और सुरक्षा उपायों को और कड़ा करने के सख्त निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में सांपों का प्रवेश रोका जा सके।