कंगना रनौत और CISF कांस्टेबल कुलविंदर कौर के बीच हुई घटना के बारे में जानें

कंगना रनौत और CISF कांस्टेबल कुलविंदर कौर के बीच हुई घटना के बारे में जानें

मानसी विपरीत 7 जून 2024

कंगना रनौत और कुलविंदर कौर के बीच विवाद: घटनाओं की पूरी कहानी

बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री कंगना रनौत हमेशा से ही अपने विवादास्पद बयानों और हरकतों के लिए सुर्खियों में रहती हैं। लेकिन इस बार मामला कुछ अलहदा रहा जब 9 अप्रैल 2022 को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका सामना CISF की कांस्टेबल कुलविंदर कौर से हुआ। आमतौर पर सितारों का हवाई अड्डे पर आना जाना होता रहता है और सुरक्षा जांच के दौरान भी सबकुछ सामान्य रहता है। परंतु इस बार बात कुछ ज्यादा ही बिगड़ गई।

घटना कैसे घटित हुई?

सुबह का समय था और हवाई अड्डे पर सुरक्षा जांच प्रक्रिया चल रही थी जब कंगना रनौत वहां पहुंचीं। कंगना रनौत, जो अक्सर अपने निडर स्वभाव के लिए जानी जाती हैं, ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को नजरअंदाज करने की कोशिश की। कहा जाता है कि उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को बाईपास करने की कोशिश की ताकि वे जल्दी अपने विमान में सवार हो सकें। इसी दौरान उनकी मुलाकात हुई CISF की कांस्टेबल कुलविंदर कौर से, जो अपने कर्तव्य पर डटी हुई थीं। कौर ने जब कंगना को रोका और नियमों का पालन करने का आग्रह किया तब स्थिति और बिगड़ी।

सुरक्षाकर्मी का कर्तव्य और विवाद

सीआईएसएफ की कांस्टेबल कुलविंदर कौर उस समय हवाई अड्डे पर अपनी ड्यूटी पर थीं। उनका मुख्य कार्य था कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सही तरीके से हो और किसी भी यात्री को बगैर सुरक्षा जांच के एंट्री न मिले। जब कंगना ने सुरक्षा जांच को नजरअंदाज करने की कोशिश की, तब कुलविंदर कौर ने उन्हें रोका। यहीं पर दोनों के बीच विवाद उत्पन्न हुआ।

कहा जा रहा है कि कंगना ने सुरक्षा कर्मियों के साथ बहस की और इसी दौरान उन्हें थप्पड़ मार दिया गया। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इसमें साफ दिखता है कि कुलविंदर कौर और कंगना रनौत के बीच गर्मागर्मी हुई और इसी बीच ये अप्रिय घटना घटित हुई।

सीआईएसएफ का बयान और जांच

घटना के तुरंत बाद CISF ने इस मामले की जानकारी देते हुए एक बयान जारी किया। उनके मुताबिक, कुलविंदर कौर ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए कंगना को रोका था। परंतु घटना की गंभीरता को देखते हुए आधिकारिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। CISF ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

यहां यह बात ध्यान देने योग्य है कि सुरक्षा कर्मी की जिम्मेदारी बहुत बड़ी होती है। किसी भी प्रकार की लापरवाही उन्हें औरों के साथ खतरे में डाल सकती है। इसलिए CISF का अपने कर्मी की समर्थन में खड़ा होना बहुत कुछ कहता है।

कंगना की तरफ से प्रतिक्रिया

इस घटना के बाद कंगना रनौत की ओर से भी प्रतिक्रिया आई। उनके प्रवक्ता ने साफ किया कि कंगना को सुरक्षा कर्मियों के साथ किसी प्रकार की विवाद में पड़ने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने केवल जल्दी विमान पकड़ने की कोशिश की थी। कंगना स्वयं भी इस घटना से हैरान और आहत थीं। उनके मुताबिक, इस प्रकार की घटना किसी के भी साथ नहीं होनी चाहिए।

मामला क्यों हुआ चर्चा में?

कंगना रनौत हमेशा से ही मीडिया की चहेती रही हैं और उनके किसी भी कदम को सुर्खियों में बदलते देर नहीं लगती। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ। घटना के तुरंत बाद मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर बहस छिड़ गई। कुछ लोगों ने कंगना का समर्थन किया, तो कुछ ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के महत्व को समझाया।

सुरक्षा जांच एक अहम प्रक्रिया है और इसका पालन सभी यात्रियों के लिए अनिवार्य है। चाहे वो कितनी भी बड़ी हस्ती क्यों न हो, उन्हें भी सुरक्षा मानदंडों का पालन करना होता है। इस घटना ने सभी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि कहीं न कहीं सेलिब्रिटी स्टेटस के चलते उन्हें विशेषाधिकार का लाभ मिलता है और यह सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है।

सिक्योरिटी प्रोटोकॉल का महत्व

किसी भी हवाई अड्डे पर सुरक्षा जांच महत्वपूर्ण होती है। यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी यात्री बिना उचित जांच के विमान में सवार न हो सके। यह सुरक्षा न केवल यात्रियों बल्कि विमान क्रू और परिसर की भी होती है।

इस प्रकार की घटना यह याद दिलाती है कि नियम और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सभी के लिए अनिवार्य है। भले ही वह व्यक्ति कितना भी प्रसिद्ध क्यों न हो। इस मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सुरक्षा जांच में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है।

निष्कर्ष

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, कंगना रनौत और कुलविंदर कौर के बीच हुआ यह विवाद सुरक्षा प्रोटोकॉल और उसके महत्व को एक बार फिर से हमारे समक्ष ले आया है। यह घटना यह भी दर्शाती है कि सुरक्षा कर्मियों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है और उनकी जिम्मेदारी कितनी बड़ी है। किसी भी यात्री को सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन अवश्य करना चाहिए, चाहे वह कितनी भी बड़ी हस्ती क्यों न हो। सुरक्षा जांच के नियम सबके लिए समान होते हैं और उनका पालन करना हम सभी का कर्तव्य है।

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