एस जयशंकर का राजनीतिक सफर
एस जयशंकर, जो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक वरिष्ठ नेता हैं, ने रविवार को राष्ट्रपति भवन में केंद्रीय मंत्री पद की शपथ ली। उनकी यह शपथग्रहण समारोह राष्ट्रीय पटल पर एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में देखा जा रहा है। जयशंकर का राजनीतिक सफर एक लंबे अनुभव और कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवा देने का गवाह रहा है। उनकी मेहनत और प्रतिबद्धता को देखते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में एक महत्वपूर्ण स्थान दिया है।
एस जयशंकर ने 2019 से 2024 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में विदेश मंत्री (ईएएम) के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। इस भूमिका में उन्होंने भारत की विदेश नीति को आकार देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, संबंधों और कूटनीतिक संकटों को संभाला। भारत-अमेरिका, भारत-चीन, और भारत-रूस जैसे महत्वपूर्ण विदेशी संबंधों में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई। इसके अलावा, उन्होंने भारत के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों में प्रतिनिधित्व किया और भारतीय प्रवासियों के हितों की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए।
विदेश सचिव के रूप में सेवाएं
ईएएम बनने से पहले, एस जयशंकर ने 2015 से 2018 तक भारत के विदेश सचिव के रूप में सेवा दी। इस भूमिका में उन्होंने भारतीय कूटनीतिक सेवा की प्रमुख जिम्मेदारियों को निभाया और वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को मजबूत किया। विदेश सचिव के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई महत्वपूर्ण विदेश नीति निर्णयों का नेतृत्व किया और वैश्विक चुनौतियों का सामना किया। उन्होंने भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में कई प्रयास किए और वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा को ऊंचा किया। उनके नेतृत्व में, भारतीय विदेश नीति में एक नई दिशा और दृष्टिकोण देखा गया।
राज्यसभा सांसद के रूप में कार्य
एस जयशंकर 2019 से गुजरात से राज्यसभा सांसद के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस भूमिका में उन्होंने न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश के हितों की बात की है। राज्यसभा में उनके विचार और चिंतनशील दृष्टिकोण ने उन्हें एक प्रभावशाली सांसद के रूप में स्थापित किया है। उनके अनुभव और ज्ञान को देखते हुए, उन्हें विभिन्न संसदीय समितियों में भी सेवा देने का अवसर मिला है।
कूटनीतिक सफलता
एस जयशंकर एक अनुभवी और उम्मीददार कूटनीतिज्ञ हैं। उनकी कूटनीतिक सफलता और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी पहचान ने उन्हें एक महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने न केवल भारत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, बल्कि वैश्विक कूटनीतिक क्षेत्र में भी अपना नाम बनाया है। उनके नेतृत्व में, भारत ने कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सफलता प्राप्त की है और वैश्विक कूटनीतिक चुनौतियों का सामना किया है।
नई जिम्मेदारियों के साथ
केंद्रीय मंत्री के रूप में एस जयशंकर की शपथ के साथ ही, उनकी नई जिम्मेदारियों का दौर शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में उन्हें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिला है। उनकी अनुभव और विशेषज्ञता को देखते हुए, यह उम्मीद की जा रही है कि वे देश और सरकार के लिए महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उनकी नई जिम्मेदारियाँ और कार्य एक बार फिर भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत बनाएंगे और देश की प्रगति में मदद करेंगे।
एस जयशंकर का यह सफर न केवल उनके लिए, बल्कि देश के लिए भी एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। उनके नेतृत्व में भारत और भी अधिक सशक्त और समृद्ध बनेगा। उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प देश की सेवा में उनके योगदान को और भी महत्वपूर्ण बनाएगा और आने वाले वर्षों में देश को एक नई ऊँचाई पर ले जाएगा।
Sonia Singh
जून 9, 2024 AT 20:34एस जयशंकर की नई नियुक्ति देख कर लगता है सरकार को कुछ ठोस कूटनीतिक अनुभव की जरूरत थी। उनका विदेश मंत्रालय में काम बहुत सराहनीय रहा है, खासकर भारत‑अमेरिका रिश्तों में। अब नई जिम्मेदारियों में शायद उनकी रणनीतिक सोच देश को फायदा पहुंचाएगी। उम्मीद है कि वह संसदीय कार्य में भी उतनी ही चमक दिखाएंगे। कुल मिलाकर यह कदम सकारात्मक लग रहा है।
Ashutosh Bilange
जून 18, 2024 AT 09:40बिलकुल सही कहा तुमने, पर ये देखो, जयशंकर को एब्ज़ोलूटली बेस्ट चॉइस बना दिया है सरकार ने! 😂 उनके पास इतना बड़ा एक्सपीरियंस है कि कोई भी दिक्कत नहीं होगी। बाई बाय उन पुरानी पॉलिटिक्स को।
Kaushal Skngh
जून 26, 2024 AT 22:45वो तो काफी काम का लग रहा है।
Harshit Gupta
जुलाई 5, 2024 AT 11:51भारत को अब एक मजबूत विदेश नीति की जरूरत है और एस जयशंकर इस दिशा में सही हाथ हैं। उनका चलते‑फिरते अनुभव हमें विदेशी दांव-पेंच समझने में मदद करेगा। वह हमेशा राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देते रहे हैं, चाहे वह यूएस के साथ हो या चीन के साथ। पिछले साल के कई मोशन में उनकी दृढ़ता ने भारत को एक मजबूत मोर्चा दिया। अब जब वह केंद्रीय मंत्री बनेंगे तो वह और भी तेज़ी से हमारी विदेश नीति को आगे बढ़ाएंगे। यह किसी भी भारतीय को गर्व महसूस कराना चाहिए। अंत में, मैं कहूँगा कि हमारी सरकार ने एक सही कदम उठाया है।
HarDeep Randhawa
जुलाई 14, 2024 AT 00:56हाँ, बिल्कुल!!! क्या कहें, जयशंकर की नई जिम्मेदारी को देख कर मन में उत्साह उमड़ रहा है; भारत की विदेश नीति की दिशा को फिर से सशक्त बनाने का उनका इरादा स्पष्ट है; इस कदम से हमारे राष्ट्रीय हितों को और भी मजबूती मिलेगी; भ्रमित मत होइए, यह एक सकारात्मक परिवर्तन है!!!
Nivedita Shukla
जुलाई 22, 2024 AT 14:02एस जयशंकर की शपथ लेने की खबर सुनते ही मेरे दिमाग में कई विचारों की लहरें उठीं। सबसे पहले तो मैं यह बताना चाहूँगा कि एक सच्चे कूटनीतिज्ञ का सफर अक्सर कठिनाइयों और चुनौतियों से परिपूर्ण रहता है, पर उनकी कारगर रणनीतियों ने हमेशा भारत को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। उन्होंने अपने पूर्व पदों में न केवल राजनयिक संबंधों को सुदृढ़ किया, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की आवाज़ को बुलंद भी किया। विदेश सचिव के रूप में उनका दृष्टिकोण प्रगतिशील और नवाचारी था; उन्होंने कई द्विपक्षीय समझौतों को जमीन से जोड़ते हुए आर्थिक सहयोग को बढ़ावा दिया। ईएएम के रूप में उनका कार्यकाल कई अंतरराष्ट्रीय संकटों के समाधान में मौलिक रहा, जिससे भारतीय परराष्ट्र दिशा स्पष्ट हुई। उनके नेतृत्व में भारत ने कुछ जटिल अंतरराष्ट्रीय समस्याओं को हल किया, जैसे कि सीमा विवादों में संवाद आधारित समाधान को प्राथमिकता देना। उन्होंने न केवल बड़े राजनैतिक सौदों को संभाला, बल्कि भारतीय प्रवासियों के अधिकारों की रक्षा में भी संकल्पित रहे। इस संकल्प ने कई प्रवासी परिवारों को आशा दी और उनके दिलों में भारत के प्रति अभिमान जगाया। अब जब वह केंद्रीय मंत्री के रूप में अपना नया कार्यालय संभाल रहे हैं, तो वह अपनी कूटनीतिक कुशलता को घरेलू नीतियों में भी लागू करने की संभावना रखते हैं। उनके अनुभव से यह आशा की जा सकती है कि वह विदेश नीति को अधिक समन्वित और सामरिक रूप से मजबूत बना सकते हैं। इस नए चरण में उन्हें घरेलू विकास, उद्योग, और विज्ञान‑प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भी अपने दृष्टिकोण को लागू करने का अवसर मिलेगा। भारत के युवाओं के लिये यह एक प्रेरणा का स्रोत हो सकता है, क्योंकि वह दिखाते हैं कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से बड़े पदों तक पहुँचा जा सकता है। कई लोग यह सोचते हैं कि राजनीति सिर्फ़ शक्ति की भूख है, पर जयशंकर ने यह साबित किया है कि राजनीति में सच्ची सेवा भी हो सकती है। अगर वह इस पद को ईमानदारी और पारदर्शिता से निभाएँगे, तो भारतीय राजनीति में एक नई सच्ची मिसाल स्थापित होगी। इसलिए, मैं उनके भविष्य के कार्यों के लिए आशावादी हूँ और आशा करता हूँ कि वह अपने सभी कर्तव्यों को सफलतापूर्वक निभाएँगे। अंत में, यह उल्लेख करना आवश्यक है कि राजनीति में विविधता और समावेशी दृष्टिकोण की जरूरत है, और जयशंकर का व्यापक अनुभव इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
Rahul Chavhan
जुलाई 31, 2024 AT 03:07सही कहा तुमने, उनका अनुभव वाक़ई काबिल‑ए‑तारीफ़ है। नई ज़िम्मेदारियों में भी वह वही रणनीतिक सोच लाएँगे। हमें सिर्फ़ उनका भरोसा रखना है। उम्मीद है आगे और भी अच्छे कदम देखेंगे।
Joseph Prakash
अगस्त 8, 2024 AT 16:13वाह जयशंकर को नई पोस्ट के लिए बधाई 😀 भारत को ऐसे नेता चाहिए जो विदेश नीति को सशक्त बना सके 🙌🏻 आशा है कि उनका प्रदर्शन शानदार रहेगा
Arun 3D Creators
अगस्त 17, 2024 AT 05:18देखो, ये सब कब तक चलेंगे, जयशंकर का दिमाग़ ही नहीं, देश की भी जरूरत है
लेकिन मैं तुम्हें कहूँगा, अब से बातों की कमी नहीं होगी
RAVINDRA HARBALA
अगस्त 25, 2024 AT 18:23वास्तव में, इस नियुक्ति का विश्लेषण करने पर स्पष्ट होता है कि भारत की कूटनीतिक प्राथमिकताओं में बदलाव आवश्यक था। जयशंकर की प्रोफ़ाइल दिखाती है कि उन्होंने कई बहुपक्षीय मंचों पर भारत की स्थिति को मजबूती से प्रस्तुत किया है। उनका अनुभव विशिष्ट रूप से एशिया‑पैसिफिक रणनीति में परिलक्षित होता है। नई भूमिका में वह संभवतः भारत‑अमेरिका साझेदारी को और गहरा करेंगे, जो आर्थिक और सुरक्षा दोनों दृष्टिकोण से लाभदायक है। इसलिए यह नियुक्ति रणनीतिक रूप से समझदार है।
Vipul Kumar
सितंबर 3, 2024 AT 07:29बहुत बधाई हो जयशंकर को, आपकी यात्रा युवा नेताओं के लिये प्रेरणा है। हम सभी मिलकर आपके कदमों में सहयोग देंगे और देश की सेवा करेंगे।
Priyanka Ambardar
सितंबर 11, 2024 AT 20:34👍 जयशंकर को हमारी पूरी समर्थन मिलना चाहिए, क्योंकि वह ही भारत की सच्ची शक्ति हैं! 🇮🇳 कोई भी विरोध नहीं, सिर्फ़ आगे बढ़ो!