धुरंधर 2 पर कॉपीराइट संकट: 'तिलची टोपी वाले' गाने पर घिरे रणवीर सिंह

धुरंधर 2 पर कॉपीराइट संकट: 'तिलची टोपी वाले' गाने पर घिरे रणवीर सिंह

Saniya Shah 28 अप्रैल 2026

बॉक्स ऑफिस पर 700 करोड़ रुपये की बंपर कमाई करने वाली धुरंधर 2 अब कानूनी पचड़ों में फंस गई है। फिल्म की यह शानदार शुरुआत तब फीकी पड़ गई जब ट्रिमूर्ति फिल्म्स ने एक पुराने सुपरहिट गाने के अवैध इस्तेमाल को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामला सीधा-सादा है लेकिन असर बड़ा है; आरोप है कि फिल्म के गाने 'रंग दे लाल (ओये ओये)' में 1989 की फिल्म 'त्रिदेव' के मशहूर गाने 'तिलची टोपी वाले' की चोरी की गई है।

यह पूरा विवाद अब दिल्ली के हाईकोर्ट की दहलीज पर है। 19 मार्च, 2026 को रिलीज हुई यह फिल्म, जिसे आदित्य धर ने निर्देशित किया है, अपनी कहानी से ज्यादा अब अपने संगीत और कानूनी दांव-पेंच के लिए चर्चा में है। दिलचस्प बात यह है कि जहाँ एक तरफ थिएटर में भीड़ उमड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ फिल्म के निर्माताओं को अब अपनी कमाई का हिसाब बारीकी से रखना होगा।

दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला और मध्यस्थता की राह

इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस तुषार राव गेडेला ने एक व्यावहारिक रुख अपनाया। उन्होंने महसूस किया कि यह लड़ाई असल में कॉपीराइट से ज्यादा पैसों के लेन-देन और रॉयल्टी की है। कोर्ट ने माना कि जब दोनों पक्ष—ट्रिमूर्ति फिल्म्स और धुरंधर 2 के निर्माता—समझौते के लिए तैयार हैं, तो लंबी कानूनी लड़ाई के बजाय बातचीत से रास्ता निकालना बेहतर है।

कोर्ट ने इस विवाद को सुलझाने के लिए एक सीनियर मीडिएटर (मध्यस्थ) नियुक्त किया है। अब दोनों पक्षों को 22 अप्रैल, 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट मीडिएशन सेंटर में पेश होना होगा। हालांकि, मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है; कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 6 मई, 2026 की तारीख तय की है।

कमाई का पूरा हिसाब देना होगा

यहाँ एक बड़ा ट्विस्ट है। कोर्ट ने फिल्म के निर्माताओं, जिनमें B62 स्टूडियोज प्राइवेट लिमिटेड और सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं, को आदेश दिया है कि वे 19 मार्च, 2026 से लेकर अंतिम फैसले तक की अपनी पूरी कमाई का विस्तृत वित्तीय रिकॉर्ड रखें।

ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि अगर भविष्य में कोई समझौता होता है या हर्जाना देना पड़ता है, तो उसकी गणना फिल्म द्वारा कमाए गए मुनाफे और रॉयल्टी के आधार पर होगी। यह एक तरह की सुरक्षा है ताकि रॉयल्टी की रकम को लेकर बाद में कोई हेरफेर न हो सके। (सोचिए, जब कमाई 700 करोड़ के पार हो, तो हिसाब की किताब कितनी लंबी होगी!)

विवादों का सिलसिला: केवल संगीत ही समस्या नहीं

धुरंधर 2 के लिए मुसीबतें सिर्फ संगीत तक सीमित नहीं हैं। फिल्म को राजनीतिक और धार्मिक मोर्चों पर भी कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। तमिलनाडु में एक वकील, शीला ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर कर फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उनका तर्क है कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के समय फिल्म का राजनीतिक संदेश माहौल बिगाड़ सकता है।

वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के नेता मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेल्वी ने फिल्म की पटकथा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म में दिखाई गई कहानियाँ मनगढ़ंत हैं और इसका उद्देश्य केवल आर्थिक लाभ के लिए हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच दरार पैदा करना है। सोशल मीडिया पर भी यह बहस छिड़ी हुई है कि क्या फिल्म वास्तव में एक सच्ची कहानी है या केवल सरकारी प्रोपेगेंडा का हिस्सा है।

संगीत जगत में 'सैंपलिंग' और कानूनी पेच

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यह मामला भारतीय सिनेमा में 'सॉन्ग सैंपलिंग' और पुराने गानों के रीमिक्स की एक बड़ी बहस को जन्म देता है। सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज ने अपनी पैरवी में यह तर्क दिया कि ऐसे कई मामले पहले भी हुए हैं जहाँ गानों का दोबारा इस्तेमाल किया गया और कोई कानूनी चुनौती नहीं आई। उनका कहना है कि ट्रिमूर्ति फिल्म्स ने कोर्ट के सामने पूरी सच्चाई नहीं रखी है। यह इंडस्ट्री का पुराना चलन रहा है, लेकिन अब कानून अधिक सख्त हो रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद आने वाले समय में रीमेक और रीमिक्स गानों के लिए एक मिसाल बनेगा। यदि कोर्ट रॉयल्टी का बड़ा हिस्सा देने का आदेश देता है, तो भविष्य में निर्माता पुराने गानों को छूने से पहले दस बार सोचेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धुरंधर 2 पर कॉपीराइट का मामला क्या है?

मामला 1989 की फिल्म 'त्रिदेव' के गाने 'तिलची टोपी वाले' के इस्तेमाल से जुड़ा है। ट्रिमूर्ति फिल्म्स का आरोप है कि धुरंधर 2 के गाने 'रंग दे लाल (ओये ओये)' में इस पुराने गाने की धुन का बिना अनुमति के उपयोग किया गया है, जो कॉपीराइट का उल्लंघन है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया है?

कोर्ट ने दोनों पक्षों को 22 अप्रैल, 2026 को मीडिएशन सेंटर में बातचीत करने का आदेश दिया है। साथ ही, फिल्म निर्माताओं को 19 मार्च, 2026 से अपनी कमाई का पूरा हिसाब रखने को कहा गया है ताकि रॉयल्टी और हर्जाने का सटीक निर्धारण किया जा सके।

क्या फिल्म को सिनेमाघरों से हटाया जाएगा?

फिलहाल ऐसा कोई आदेश नहीं आया है। जस्टिस गेडेला ने कहा कि चूंकि फिल्म को तुरंत ओटीटी पर रिलीज नहीं किया जा रहा है, इसलिए इस स्तर पर किसी अंतरिम राहत या प्रतिबंध की आवश्यकता नहीं है। फिल्म फिलहाल थिएटर में चल रही है।

फिल्म के खिलाफ अन्य कानूनी शिकायतें क्या हैं?

कॉपीराइट के अलावा, मद्रास हाईकोर्ट में तमिलनाडु चुनावों के मद्देनजर फिल्म पर बैन लगाने की मांग की गई है। साथ ही, धार्मिक नेताओं ने आरोप लगाया है कि फिल्म सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाली और काल्पनिक कहानियों पर आधारित है।